विधायक से विवाद के बीच तुषार मानिक पर गिरी गाज, कलेक्टर ने जारी किया आदेश
अम्बिकापुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सीतापुर से भाजपा (BJP) विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच उपजा विवाद अब एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल में बदल गया है। सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने एक कड़ा कदम उठाते हुए राजापुर के नायब तहसीलदार तुषार मानिक को उनके पद से हटा दिया है। जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, तुषार मानिक को तत्काल प्रभाव से जिला कलेक्टर कार्यालय अम्बिकापुर में अटैच (संबद्ध) कर दिया गया है। इसके साथ ही राजापुर उप-तहसील का अतिरिक्त प्रभार सीतापुर के तहसीलदार उमेश बाज को सौंप दिया गया है।
प्रशासनिक समझौते के बाद गिरी गाज
दरअसल, बुधवार को सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से मुलाकात कर सीतापुर के एसडीएम फागेश सिन्हा और नायब तहसीलदार तुषार मानिक को पद से हटाने की पुरजोर मांग की थी। प्रशासनिक हलकों और जनप्रतिनिधियों के बीच हुए एक समझौते के बाद ही यह निलंबन व लूप लाइन में भेजने की कार्रवाई की गई है। इसी समझौते के हिस्से के रूप में विधायक समर्थकों ने थाने में आत्मसमर्पण (सरेंडर) भी किया था।
जानिए क्या है यह पूरा हाई-प्रोफाइल मामला?
यह पूरा विवाद बीती 27 मई को शुरू हुआ था, जब सीतापुर में एक मामले के दौरान नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों की तीखी बहस हुई थी, जो बाद में हाथापाई और मारपीट तक पहुंच गई।
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काउंटर FIR: इस घटना के बाद नायब तहसीलदार की शिकायत पर सीतापुर थाने में विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ एफआईआर ($FIR$) दर्ज की गई थी। इसके जवाब में विधायक ने आरोप लगाया कि नायब तहसीलदार ने उनकी चचेरी बहन के साथ अभद्रता की थी, जिसके बाद दूसरे पक्ष की ओर से भी काउंटर एफआईआर दर्ज कराई गई।
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प्रदेशव्यापी हड़ताल: घटना के विरोध में 28 मई से छत्तीसगढ़ के तमाम तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे, जिससे राजस्व से जुड़े सभी सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप हो गए थे।
विधायक के दो करीबियों ने किया सरेंडर, मुचलके पर छूटे
मामले को शांत करने के लिए बुधवार को विधायक समर्थक नाजिम राजा और पंकज गुप्ता ने सीतापुर थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया। पुलिस ने थाने में दोनों आरोपियों से वैधानिक चेकलिस्ट पर हस्ताक्षर कराए और उन्हें जमानत मुचलके पर रिहा कर दिया। हालांकि, विधायक रामकुमार टोप्पो ने भी सार्वजनिक रूप से खुद गिरफ्तारी देने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने अभी तक सरेंडर नहीं किया है।
काम पर लौटे राजस्व अधिकारी और पटवारी
समझौता वार्ता सफल होने और आरोपियों के सरेंडर के बाद, गुरुवार से प्रदेशभर के आंदोलित तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपनी हड़ताल खत्म कर काम पर वापस लौट आए हैं। उनके समर्थन में सरगुजा संभाग के जो राजस्व निरीक्षक (RI) और पटवारी सामूहिक अवकाश पर चले गए थे, वे भी अपनी-अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद हो गए हैं, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है।

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