ग्राफ्टेड बैंगन की उन्नत खेती से अमृत बंजारे की आर्थिक स्थिति हुई सुदृढ़
रायपुर : बंजारे बताती है कि अब तक लगभग 80 टन बैंगन का उत्पादन कर चुकी है, जिससे उन्हें लगभग 9 लाख 60 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई है। यह आय उनकी पूर्व की पारंपरिक खेती की तुलना में कहीं अधिक है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुदृढ़ता आई है।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के विकासखंड महासमुंद अंतर्गत ग्राम बम्बुरडीह की सफल कृषक अमृत बाई बंजारे, शुद्धुराम बंजारे ने सीमित संसाधनों के बावजूद आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। अमृत बंजारे बताती है कि उनकी शैक्षणिक योग्यता 5वीं कक्षा तक है। पूर्व में वे अपनी कुल 2.87 हेक्टेयर भूमि में परंपरागत रूप से धान की खेती किया करती थीं, जिसमें उत्पादन अपेक्षाकृत कम एवं लागत अधिक होने के कारण उन्हें पर्याप्त लाभ प्राप्त नहीं हो पाता था।
वर्ष 2025-26 में उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी 1.45 हेक्टेयर सिंचित भूमि में ग्राफ्टेड बैंगन (किस्म टछत् 212) की उन्नत खेती प्रारंभ की। इस दौरान उन्होंने ड्रिप सिंचाई प्रणाली, मल्चिंग पेपर एवं अन्य आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग करते हुए वैज्ञानिक पद्धति से खेती की। इन तकनीकों के उपयोग से जहां जल की बचत हुई, वहीं फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन में भी वृद्धि हुई।
उल्लेखनीय है कि अमृत बाई बंजारे को उद्यानिकी विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत 0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन उत्पादन हेतु 30,000 रुपये तथा राज्य पोषित योजना अंतर्गत समेकित उद्यानिकी विकास के लिए 54,485 रुपये का अनुदान भी प्रदान किया गया। इस सहयोग ने उन्हें आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया और जोखिम को कम करने में मदद की।

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