बालाघाट:मध्य प्रदेश के बालाघाट जिला कलेक्ट्रेट परिसर में हाल ही में घटी एक सनसनीखेज घटना में नया मोड़ आया है। कलेक्ट्रेट के बाहर कम तीव्रता वाला विस्फोटक फेंककर विरोध दर्ज कराने वाले युवक ने अपनी इस हरकत पर गहरा खेद व्यक्त करते हुए लिखित में माफीनामा सौंपा है। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आया। आरोपी युवक ने अपने बयान में स्वीकार किया कि उसने अत्यधिक गुस्से और मानसिक तनाव में आकर यह कदम उठाया था, हालांकि प्रशासन इस मामले में कानूनी पहलुओं की गहन जांच कर रहा है।

बहन की नीट परीक्षा रद्द होने और जंतर-मंतर की घटना से भड़का था गुस्सा

युवक ने अपने लिखित माफीनामे में घटना के पीछे की पूरी वजह का खुलासा किया है। उसने बताया कि उसकी बहन ने नीट (NEET) की परीक्षा दी थी, जिसमें उसने 400 अंक प्राप्त किए थे। परीक्षा रद्द होने के बाद उसकी बहन गहरे मानसिक तनाव में चली गई थी, जिसे देखकर वह खुद भी काफी व्यथित और आक्रोशित था। इसके अलावा दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज की घटना ने उसके गुस्से को और बढ़ा दिया। इसी आक्रोश के कारण उसने बालाघाट कलेक्ट्रेट पहुंचकर इस तरह से अपना विरोध जताने का फैसला किया।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखा धमाके का मंजर

इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित हो रहे वीडियो में युवक सफेद शर्ट और काली पैंट पहने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर खड़ा नजर आ रहा है। वह अपनी बात रखते हुए 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे लगाता है और अचानक परिसर के भीतर कम तीव्रता वाली सामग्री फेंक देता है। जोरदार धमाका होते ही आसपास मौजूद आम लोगों में भगदड़ और घबराहट की स्थिति बन जाती है। गनीमत यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में कोई हताहत नहीं हुआ और किसी को चोट नहीं आई, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

लोकतांत्रिक तरीके से सुनवाई न होने का आरोप लगाकर जताया था विरोध

वायरल वीडियो में युवक शासन और प्रशासन की नीतियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुन पड़ रहा है। उसका कहना था कि वह पहले अपनी मांगों और विचारों को लोकतांत्रिक ढंग से और कलम के जरिए सामने रखना चाहता था, लेकिन परिस्थितियों और सुनवाई न होने के कारण उसे यह कठोर कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। इंटरनेट पर कयास लगाए जा रहे हैं कि युवक का नाम सुजल मेश्राम है, हालांकि स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से उसकी पहचान को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि जारी नहीं की गई है।

लिखित माफीनामे के बाद भी प्रशासनिक जांच और कानूनी कार्रवाई जारी

यद्यपि युवक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए औपचारिक तौर पर माफी मांग ली है, फिर भी पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है। सुरक्षा में हुई इस चूक और कलेक्ट्रेट जैसे संवेदनशील स्थान पर विस्फोटक सामग्री फेंकने के अपराध को देखते हुए पुलिस विभाग हर पहलू की सूक्ष्मता से छानबीन कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कानून के अनुसार जो भी उचित और आवश्यक कानूनी कदम होंगे, वे आगे की जांच के बाद उठाए जाएंगे।