रेलवे का बड़ा फैसला: ट्रेन में स्मोकिंग पर सख्त कार्रवाई, भीख मांगने पर भी रोक
नई दिल्ली: भारतीय रेल से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। रेल मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को बढ़ाने के साथ-साथ उनके सफर के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए नियमों को काफी सख्त कर दिया है। आगामी पहली जुलाई से भारतीय रेल कई बड़े बदलाव लागू करने जा रही है, जो विशेष रूप से स्लीपर और जनरल क्लास में सफर करने वाले आम यात्रियों के लिए बेहद आरामदायक साबित होंगे। नए नियमों के तहत ट्रेनों के भीतर और रेलवे परिसर में अनधिकृत गतिविधियों पर पूरी तरह नकेल कसने की तैयारी कर ली गई है।
ट्रेन में स्मोकिंग करने पर भारी जुर्माना और टिकट ज़ब्ती
नए सख्त नियमों के मुताबिक, अब अगर कोई भी यात्री ट्रेन के अंदर धूम्रपान (स्मोकिंग) करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। मंत्रालय ने जुर्माने की राशि को बढ़ाकर अब सीधे 2,000 रुपये कर दिया है। इतना ही नहीं, पकड़े जाने पर उस यात्री का टिकट भी ज़ब्त किया जा सकता है और उसे बीच सफर में ही ट्रेन से नीचे उतारा जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति मौके पर जुर्माना देने से इनकार करता है, तो मामला सीधे कोर्ट के समक्ष भेजा जाएगा, जहां अदालत अधिकतम 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगा सकती है।
भीख मांगने और अवैध फेरी लगाने वालों पर सख्त ऐक्शन
स्मोकिंग करने वालों के अलावा, रेल मंत्रालय ने ट्रेनों और स्टेशनों पर भीख मांगने वालों और बिना लाइसेंस के सामान बेचने वाले फेरीवालों के खिलाफ भी बड़े ऐक्शन की तैयारी की है। नए बदलावों के तहत अब रेलवे परिसर या ट्रेन के भीतर भीख मांगने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी। यदि कोई भीख मांगते हुए पाया जाता है, तो रेलवे का कोई भी कर्मचारी उसे तुरंत ट्रेन से उतार सकता है। ऐसे लोगों को अवैध रूप से फेरी लगाने वालों के समान ही कड़ी सजा और जुर्माने का सामना करना पड़ेगा।
बिना लाइसेंस फेरी लगाने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान
सरकार ने जन विश्वास अधिनियम की धारा 144 के तहत बिना आधिकारिक लाइसेंस के ट्रेन में सामान बेचने वाले फेरीवालों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। अब पकड़े जाने पर इन अवैध फेरीवालों पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना न भरने की स्थिति में मामला अदालत जाएगा, जहां तीन महीने की जेल और 5,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। नियमों को इतना कड़ा किया गया है कि यदि कोई फेरीवाला चौथी बार बिना लाइसेंस के पकड़ा जाता है, तो उसे एक साल की कैद, 5,000 रुपये का जुर्माना या फिर ये दोनों सजाएं एक साथ भुगतनी पड़ सकती हैं।

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