भारतमाला परियोजना को रफ्तार: रायपुर–बिलासपुर 6-लेन और समृद्धि मार्ग विस्तार का प्रस्ताव
CG News: भारतमाला परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सड़क नेटवर्क को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने रायपुर के आरंग से बिलासपुर के दर्री तक करीब 95 किलोमीटर लंबा 6-लेन एक्सेस कंट्रोल मार्ग बनाने और मुंबई–नागपुर समृद्धि मार्ग का विस्तार रायपुर तक करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को सौंपा है। इस सिलसिले में डिप्टी सीएम अरुण साव ने बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर प्रस्ताव पर चर्चा की।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने बैठक में छत्तीसगढ़ की आठ सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देने और 13 मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों को अपग्रेड करने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि राज्य के उत्तरी हिस्से में कोयला खदानें और दक्षिणी हिस्से में लौह अयस्क खदानें स्थित हैं। ऐसे में मुंबई–नागपुर–रायपुर तक 8-लेन एक्सेस कंट्रोल कनेक्टिविटी औद्योगिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। भारत माला परियोजना से खनिज, स्टील और सीमेंट परिवहन को बड़ी मजबूती मिलेगी।
आरंग से दर्री तक प्रस्तावित 6-लेन भारतमाला कॉरिडोर बनने से रायपुर से बिलासपुर की दूरी लगभग एक घंटे में तय की जा सकेगी। साथ ही राज्य की तीनों भारतमाला सड़कें आपस में जुड़ जाएंगी। इससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
डिप्टी सीएम ने बिलासपुर में बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या का भी जिक्र किया। इसके समाधान के लिए एनएचएआई के माध्यम से हाईकोर्ट बोदरी से सेंदरी तक करीब 32 किलोमीटर लंबा फोर-लेन बायपास प्रस्तावित किया गया है। इस बायपास से प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर और लॉजिस्टिक पार्क सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ेंगे, जिससे शहर के भीतर यातायात दबाव कम होगा और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

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