भारत की सॉफ्ट पावर बढ़ाने के लिए ज्यादा फंडिंग की जरूरत, मानव संसाधन भी बढ़ाना होगा
विदेश मामलों की संसदीय समिति ने दुनिया में भारत की सॉफ्ट पावर बढ़ाने के लिए विदेश मंत्रालय के स्तर पर अधिक फंडिंग की जरूरत बताई। यह ऐसे समय में और भी ज्यादा जरूरी है जब भारत वैश्विक स्तर पर एक बड़ी भूमिका निभाना चाहता है। वर्ष 2025-26 के लिए मंत्रालय की अनुदान मांगों पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री की ब्रीफिंग के दौरान समिति ने मंत्रालय के कर्मियों के प्रशिक्षण और मानव संसाधन बढ़ाने पर भी जोर दिया।संसदीय समिति की बैठक के बाद इसके अध्यक्ष शशि थरूर ने कहा कि कई सांसदों ने ऐसी राय जाहिर की कि मंत्रालय की ताकत को बढ़ाया जाना चाहिए, खासकर विदेशी सेवा-स्तर के कैडर में। उन्होंने कहा, सभी संबंधित पक्षों ने इस पर कुछ सहमति जताई। हालांकि, मंत्रालय की तरफ धनराशि देने में संसाधन संबंधी कुछ बाधाएं हैं। हालांकि, उन्होंने यह कहते हुए सुझावों के बारे में कोई ब्योरा देने से इन्कार कर दिया कि जब तक समिति अपनी रिपोर्ट स्वीकार नहीं कर लेती, तब तक वे विवरण का खुलासा करने के लिए स्वतंत्र नहीं हैं।थरूर ने कहा कि समिति ने मंत्रालय के बजट दस्तावेज को देखने और विदेश में भारत की आवाज को आगे बढ़ाने के लिए इसकी जरूरतों पर मिस्री से सवाल करने में काफी रुचि दिखाई। मिस्री ने समिति को यह भी बताया कि भारत 2028 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में निर्वाचित सीट के लिए चुनाव लड़ेगा।

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